Saturday, 20 January 2018

देवी चित्रलेखाजी की ये ख़ास बाते नहीं जानते होंगे आप, जानिये उनके जीवन के बारे मै, जानिये देवीजी का जीवन परिचय. Devi Chitralekha Ji | #Deviji #DeviChitralekha | Age, Family, Biography, gau seva dham hospital

कहते हैं भारत महान विभूतियों की जन्मदायी रही है. समाज को भक्ति और ज्ञान की राह दिखाने के लिए कोई आलोकिक शक्ति भक्ति पथ पर या समाज सेवी पथ पर अग्रसर होने अवश्य आता है. ऐसी ही एक दिव्य ज्योति है देवी चित्रलेखा जी. जिस उम्र में बच्चे बोलने मात्र के लिए मां-बाप पर निर्भर रहते हैं उतनी कम उम्र में देवी चित्रलेखा जी ने करीब 200 श्रीमद भागवत कथाओं का सफल आयोजन किया है.कहते हैं भारतकहते हैं भारत महान विभूतियों की जन्मदायी रही है. समाज को भक्ति और ज्ञान की राह दिखाने के लिए कोई आलोकिक शक्ति भक्ति पथ पर या समाज सेवी पथ पर अग्रसर होने अवश्य आता है. ऐसी ही एक दिव्य ज्योति है देवी चित्रलेखा जी. जिस उम्र में बच्चे बोलने मात्र के लिए मां-बाप पर निर्भर रहते हैं उतनी कम उम्र में देवी चित्रलेखा जी ने करीब 200 श्रीमद भागवत कथाओं का सफल आयोजन किया है. महान विभूतियों की जन्मदायी रही है. समाज को भक्ति और ज्ञान की राह दिखाने के लिए कोई आलोकिक शक्ति भक्ति पथ पर या समाज सेवी पथ पर अग्रसर होने अवश्य आता है. ऐसी ही एक दिव्य ज्योति है देवी चित्रलेखा जी. जिस उम्र में बच्चे बोलने मात्र के लिए मां-बाप पर निर्भर रहते हैं उतनी कम उम्र में देवी चित्रलेखा जी ने करीब 200 श्रीमद भागवत कथाओं का सफल आयोजन किया है.



देवी चित्रलेखा जी का जन्म :-

देवी चित्रलेखा जी का जन्म 19 जनवरी , 1997 में ब्राह्मण परिवार में गौरपार्षद भक्त प्रवर पंडित टीकाराम शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती चमेली देवी शर्मा के पवित्र कोख (गर्भ) से भारत में हरियाणा राज्य के पलवल जिले के अन्तर्गत पावन ग्राम खाम्बी में हुआ. उक्त खाम्बी ग्राम (आदिवृन्दावन) ब्रज चौरासी कोस की परिधि में ही आता है. इस कारण देवी जी को ब्रजभूमि के दिव्य संस्कार स्वतः ही प्राप्त हो गये. जन्म के उपरान्त इस आलौकिक बालिका को देखने हेतु अनेक संत, महात्मा , पंडित दम्पति के घर पधारे और भविष्यवाणी की कि यह अल्प व्यस्क चित्रलेखा जी एक दिन देश-विदेश के बड़े-बड़े विद्वानों को चकित कर देंगी.



देवी चित्रलेखा जी को दीक्षा व संस्कार :-

देवी चित्रलेखा जी को मात्र चार साल की आयु में एक बंगाली संत श्री श्री गिरधारी बाबा महाराज से दीक्षा संस्कार हो गया. इनके परिवार में इनके माता-पिता, दादा-दादी,नाना-नानी पहले से ही भक्त रहे हैं। जब देवी जी 6 वर्ष की थीं तो एक बार अपने माता-पिता के साथ बरसाने में एक संत श्री रमेश बाबा महाराज के प्रवचन सुनने गई थीं. तो उन बाबा महाराज ने देवी को अपने प्रवचनों के बाद देवी जी के हाथ में माईक देकर कुछ बोलने के लिये खड़ा कर दिया कि “चलो चित्रलेखा कुछ सुनाओ तो उन्होंने हाथ में माईक लेकर करीब आधे घण्टे तक प्रवचन बोले. उस समय सभी वहाँ उपस्थित लोग भावविभोर आश्चर्य एवं चकित हो गये. स्वयं श्री श्री रमेश बाबा महाराज ने भी देवी को आशिर्वाद दिया व काफ़ी प्रशंसा की. उसी दिन से सभी को ऐसा लगा कि चित्रलेखा जी भी प्रवचन कर सकती हैं.




देवी चित्रलेखा जी की प्रथम भागवत सप्ताह :-

उनके गुरुदेव श्री श्री गिरधारी बंगाली बाबा ने प्रथम भागवत सप्ताह विधि-विधान से मथुरा वृन्दावन के समीप तपोवन में (जहां पर कात्यायनी देवी ने भगवान श्री कृष्ण को पति रुप में प्राप्त करने के लिये 60 हजार वर्ष तपस्या की थी) रख दिया. सभी लोग व इनके माता-पिता घबरा रहे थे कि बाबा आप सात दिन की श्रीमद्भागवत सप्ताह मत रखो. एक-दो दिन का ही प्रवचन रख लिजिये. ये बालिका लगातार सात दिन का भागवत सप्ताह नही कर पायेगी परन्तु उनके गुरुजी नही माने दोनों भुजा उठाकर बोले घबराओं मत मेरा आशिर्वाद है कि ये सात दिन का ही श्रीमद्भागवत सप्ताह करेगी क्योकि श्रीराधारानी ने मुझे सपना दिया है कि यहाँ पुष्प वर्षा होगी। गुरुजी का आशिर्वाद हुआ यमुना नदी के किनारे तपोवन भूमि में श्रीमद्भागवत सप्ताह रख दिया गया. जबकि यहाँ पर आस-पास दो-तीन किलोमीटर तक कोई गांव या घर नही थे सभी सोच रहे थे कि यहाँ घोर जंगल में कथा सुनने कौन आयेगा? परन्तु गुरु जी का आशिर्वाद व देवी चित्रलेखा जी की भक्ति के कारण वहाँ जंगल में 10 हजार से भी अधिक श्रोता कथा श्रवण करने के लिये रोजाना आये और वहाँ सभी साधु-संत भी कथा श्रवण करने पहुँचे. और तो और वहाँ पर देवी जी के हाथ मोर व गाय रोटी दाना खाने व चुगने लगे. पशु-पक्षी भी प्रसन्न हो गये.





देवी चित्रलेखा जी की साधारण पब्लिक स्कूल में पढाई :-


देवी चित्रलेखा जी के परिवार में कोई भी सदस्य ऐसा नही है जो कि कथा करता हो, प्रवचन करता हो या गाने बजाने वाला हो. जबकि देवी जी प्रवचन करती हैं, हारमोनियम भी बजाती हैं व भजन संकीर्तन भी गाती हैं. 100 से भी ज्यादा रागों पर देवी जी महामंत्र का संकीर्तन करती हैं. इन्हें कहीं से भी कोई शिक्षा नही दी गयी. देवी चित्रलेखा जी श्रीमद्भागवत कथाओं के साथ-साथ साधारण पब्लिक स्कूल में पढाई की. जबकि उनके गुरुदेव श्री गिरधारी बाबा ने तो ये भी कहा है कि देवी जी को पढ़ाने की भी जरुरत नही है. ये तो पूर्व जन्म से ही पढ़ी हुई हैं. फ़िर भी लोकदृष्टि से देवी जी का स्वयं कहना है कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी पढ़ाई करने सांदीपानी आश्रम में गये थे.




विदेशो मै भी हरिनाम प्रचार कर किया भारत का नाम रौशन

देवी जी भारत के विभिन्न प्रान्तों में श्रीमद्भागवत का प्रचार कर चुकी हैं. जैसे बिहार, हरियाणा , उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजारात, मध्य-प्रदेश, उत्तरांचल, नागालैंड आदि. और अब देवी जी द्वारा भारत के बाहर भी श्रीमद्भागवत का प्रचार एवं हरिनाम संकीर्तन किया जा रहा है. जैसे कनाडा, हॉलैंड, ऑस्ट्रेलिया , जर्मनी , जापान 

 इसके अलावा
अमेरिका के विभिन्न राज्यों में – न्यूयार्क, न्यूजर्सी, वाशिंगटन डीसी, मैरीलैंड ,पैंसिलविनिया, टैक्सास, इण्डियाना, फ्लोरिडा, बॉस्टन, । देवी चित्रलेखा जी का उद्देश्य है कि भगवान श्री राधा-कृष्ण के नाम का देश में तथा दूसरे देशों में प्रचार हो. गुरु आज्ञा से श्री हरिनाम प्रचार करना इनका मुख्य उद्देश्य है.


देवी चित्रलेखा जी द्वारा की गई वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट की स्थापना :-

वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट की स्थापना 10 मार्च 2008 को पूज्य देवी चित्रलेखा जी द्वारा की गई . वर्ल्ड संकीर्तन टूर ट्रस्ट का मुख्यालय गांव-खम्बी, जिला-पलवल, हरियाणा में है. इसका शाखा कार्यालय “गौ सेवा धाम” एनएच 2 गांव के पास भुलवाना गांव, होडल, पलवल (एचआर) है। वर्तमान में 100 से अधिक कर्मचारी ट्रस्ट के विभिन्न विभाग में काम कर रहे हैं। दुनियाभर में 300 से अधिक सदस्य ट्रस्ट के मिशन का समर्थन करते हैं।


देवी चित्रलेखाजी के द्वारा बीमार गौ वंश के लिए निशुलक; चलाया जा रहा है आगरा मण्डल व हरियाणा राज्य का प्रथम वातानुकुलित गौ अस्पताल:-

एक दिन, देवी चित्रलेखाजी (देवजी) ने सड़क के किनारे एक घायल गाय को देखा और पाया कि उसकी स्थिति बहुत गंभीर है. तत्पश्चात, देवजी ने गाय की सेवा में भाग लिया और अपना प्राथमिक उपचार दिया. देवीजी इस घटना के बारे में बहुत चिंतित थीं और परिणामस्वरूप घायल और बीमार गायों को उचित देखभाल और उपचार प्रदान करने का एक विचार आया और “गऊ सेवा मंदिर अस्पताल” अस्त्तिव मे आया.
कटान हेतू ले जाने वाली गायों को जब गौरक्षकों के माध्यम से गौसेवा धाम में लाया जाता है तो इन गौवशं का प्राथमिक उपचार यहँा पूर्ण निष्ठा से होता है। अन्य जीव-जन्तु पकि जैसे मोर, हिरण, लगूंर, कबूतर बकरी, ऊँट आदि की सेवा में भी गौसेवा धाम सदैव तत्पर रहता है। असहाय एवं दुर्घटनाग्रस्त गौवंश हेतू यहाँ आधुनिक एम्बुलैंस, कुशल चिकित्सक एवं कम्पाउन्डर, अत्याधुनिक एक्स-रे मशीन, लगभग 30 से भी अधिक गौसेवक, यू.पी.वी.सी खिड़कियाँ आदि जैसी कई सुविधाऐं हैं। पौष्टिक आहारों में दलिया, हरा चारा, गुड़, तथा आर.ओ का पानी आदि भी बीमार गायों को यहाँ पर प्रदान किया जाता है।






गौसेवा धाम में आ चुकी हैं कई महान हस्तिया:
बाबा रामदेव, पूज्य मोरारी बापू, आचार्य बालकृष्ण, सासंद कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा गौसेवा आयोग के अध्यख श्री भानीराम मंगला, पी.सी गु्रप के चेयरमैन श्री पद्म चंद, महामंडलेश्वर ज्ञानानंद जी, राजेन्द्र दास जी महाराज, कथा वाचक पं0 कृष्णचंद शास्त्री, पूर्व मंत्री शिवचरण शर्मा, हरियाणा सरकार के सचिव दीपक मंगला, पूर्व मंत्री हर्ष कुमार, आस्था चैनल सीईओ श्री प्रमोद जोशी आदि जैसी कई हस्तियाँ अब तक गौसेवा धाम की गौसेवा को सराह चुकी हंै।

यह आधुनिक हाँस्पीटल आसपास के 
गौ पालक व गौरक्षक दलों के लिये भी वरदान है
पालक व गौरक्षक दलों के लिये भी वरदान है। किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर गौपालक व गौरक्षक दल इसी हाँस्पीटल का आश्रय लेते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर पलवल जिले की होडल तहसील में स्थित इस दो एकड़ में फैले हुये गौसेवा धाम की पावन परिक्रमा करने हेतू दर्शनार्थी दूर-दराज के क्षेत्रों से भी आते हैं।


          You can Donate For Gau Seva Dham Hospital - http://www.worldsankirtan.org/online-donation.aspx



देवी चित्रलेखाजी का विवाह 23 मई 2017 को गौ सेवा धाम हॉस्पिटल होडल पलवल में सौरभ तिवारी
  (माधव प्रभुजी) के साथ संपन्न हुआ 


Bhajan Album of devi chitralekhaji :-

1 Radhe Radhe bol
2 Brij ki malik radhe rani
3 Padawli
4 Mahamantra
5 Sankirtan
6 Mero man lagyo barshane mai

7 Hari naam Dhan
 






Address of gau seva dham hospital :-


Gau Seva Dham Hospital & Research Center
National Highway 19, Hodal, Palwal, Haryana 121106, India 
contact number - 9991771111 9991772222 9991773333 

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Friday, 15 September 2017

दिल्ली में सेना के जवान को बीच सड़क पर पीटने वाली महिला गिरफ्तार

कुछ दिनों ने सोशल मीडिया में एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला सेना के जवान को पीटती नजर आ रही है। एक निजी न्यूज चैनल की खबर के मुताबिक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि महिला गुरुग्राम की रहने वाली है। आरोपी महिला को आईपीसी की धारा 186, 353, 314 और 332 (गैर जमानती) के तहत गिरफ्तार किया गया है। जवान का नाम महावीर सिंह है जो घटना के दिन अन्य साथियों के साथ दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की तरफ से गुजर रहे थे।

आरोप है कि वसंत विहार के पास महिला ने रैश ड्राइविंग करते हुए अपनी इंडिका कार से सेना के वाहन को क्रॉस किया और सामने गाड़ी लगा दी। इसके बाद महिला ने बिना कुछ कहे सुने सेना के एक जवान को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए।
पीड़ित सैनिक के मुताबिक महिलापीड़ित सैनिक के मुताबिक महिला बिना किसी कारण लगातार थप्पड़ बरसाती जा रही थी। सैनिक का दावा है कि उनका वाहन महिला की गाड़ी से कई मीटर दूर था और वो इस बात को नहीं समझ पाए कि महिला इतने गुस्से में क्यों थी। हालांकि मामले की तहकीकात जारी है। बिना किसी कारण लगातार थप्पड़ बरसाती जा रही थी। सैनिक का दावा है कि उनका वाहन महिला की गाड़ी से कई मीटर दूर था और वो इस बात को नहीं समझ पाए कि महिला इतने गुस्से में क्यों थी। हालांकि मामले की तहकीकात जारी है।

Monday, 24 July 2017

आगरा मण्डल व हरियाणा राज्य का प्रथम वातानुकुलित गौ अस्पताल (click here to know more)

gausevadham.com (Devi Chitralekhaji)

गौ सेवा धाम


प्राचीन समय से ही गाय को माता का पूज्यनीय स्थान प्राप्त है। गाय में तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का निवास होता है। हमने गाय को सदैव ही गौमाता के नाम से पुकारा है। भगवान राम से लेकर भगवान कृष्ण तक, सभी ने गाय के महत्व को बताकर वेदों की वाणी को सत्य सिद्ध किया है। ब्रजभूमि तो कन्हैया के गौप्रेम की कथाओं की सदैव साक्षी रही है। गौ माता भारत की आत्मा है। केबल आध्यात्मिक ही नहीं अपितु वैज्ञानिक तरीके से भी गौमाता की महत्ता को नकारा नहीं जा सकता। 

आज समय बदलाव का है। चारा, पानी, दवाई, गौसुरक्षा आदि जिस भी तरह से संभव हो ,हमें गौसेवा करनी चाहिये। करमन बार्डर होडल में स्थित गौसेवा धाम हाँस्पीटल एक ऐसा ही पावन स्थान है जो वर्तमान समय में पूज्या देवी चित्रलेखा जी के सानिध्य में विगत 4 वर्षों से निरतंर गौसेवा में कार्यरत है। वर्तमान समय तक 7,000 से भी अधिक गौंवश का यहाँ पर उपचार हो चुका है।

devi chitralekhaji doing gau seva

कौन हैं गौसेवा धाम हाँस्पीटल की संचालिका देवी चित्रलेखा जी

देवी जी विश्व की सबसे कम उम्र की भागवत कथा वाचिका हैं। देवी जी का जन्म आदि ब्रज परिधि के होडल तहसील के खाम्बी नामक ग्राम में पिता पं0 टीकाराम शर्मा एवं माता श्रीमति ब्रजलता शर्मा के यहाँ हुआ। मात्र 7 वर्ष की अल्पआयु से ही भागवत के श्लोक इन्हें कठंस्थ थे। अब तक देवी जी देश-विदेश में कई बड़े कथा आयोजन कर चुकी हैं।


गौ सेवा धाम की खास बात
Hi Speed Cooler
कटान हेतू ले जाने वाली गायों को जब गौरक्षकों के माध्यम से गौसेवा धाम में लाया जाता है तो इन गौवशं का प्राथमिक उपचार यहँा पूर्ण निष्ठा से होता है। अन्य जीव-जन्तु पकि जैसे मोर, हिरण, लगूंर, कबूतर बकरी, ऊँट आदि की सेवा में भी गौसेवा धाम सदैव तत्पर रहता है। असहाय एवं दुर्घटनाग्रस्त गौवंश हेतू यहाँ आधुनिक एम्बुलैंस, कुशल चिकित्सक एवं कम्पाउन्डर, अत्याधुनिक एक्स-रे मशीन, लगभग 30 से भी अधिक गौसेवक, यू.पी.वी.सी खिड़कियाँ आदि जैसी कई सुविधाऐं हैं। पौष्टिक आहारों में दलिया, हरा चारा, गुड़, तथा आर.ओ का पानी आदि भी बीमार गायों को यहाँ पर प्रदान किया जाता है।
inside wards photos of gau seva dham



क्यों पड़ी गौसेवा धाम हाँस्पीटल की आवश्यकता 

वर्तमान समय में जब गौचारण भूमि निरन्तर कम होती जा रही है। धर्म के प्रति जनता में उदासीनता आती जा रही है। अत्यन्त व्यस्तता, निर्दयी हृदय, स्वार्थी व्यक्तित्व आदि जैसे कई कारणों से आज गौसेवा धाम की आवश्यकता है। जिससे की यहाँ पर असहाय,लाचार एवं बीमार गौंवश की निःष्काम सेवा की जा सके।


गौसेवा धाम में आ चुकी हैं कई महान

हस्तियाँ

बाबा रामदेव, पूज्य मोरारी बापू, आचार्य बालकृष्ण, सासंद कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा गौसेवा आयोग के अध्यख श्री भानीराम मंगला, पी.सी गु्रप के चेयरमैन श्री पद्म चंद, महामंडलेश्वर ज्ञानानंद जी, राजेन्द्र दास जी महाराज, कथा वाचक पं0 कृष्णचंद शास्त्री, पूर्व मंत्री शिवचरण शर्मा, हरियाणा सरकार के सचिव दीपक मंगला, पूर्व मंत्री हर्ष कुमार, आस्था चैनल सीईओ श्री प्रमोद जोशी आदि जैसी कई हस्तियाँ अब तक गौसेवा धाम की गौसेवा को सराह चुकी हंै।

यह आधुनिक हाँस्पीटल आसपास के गौ
पालक व गौरक्षक दलों के लिये भी वरदान है। किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर गौपालक व गौरक्षक दल इसी हाँस्पीटल का आश्रय लेते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर पलवल जिले की होडल तहसील में स्थित इस दो एकड़ में फैले हुये गौसेवा धाम की पावन परिक्रमा करने हेतू दर्शनार्थी दूर-दराज के क्षेत्रों से भी आते हैं।

some more about Gau Seva Dham - 

 देवी चित्रलेखा जी ने बीमार व लाचार गौमाताओं की सेवा करने का, उनके जख्मों पर मरहम लगाने का, उन्हें नया जीवन देने का और गौमाता की सम्पूर्ण सेवा का संकल्प लिया है।
ऐसी बीमार गौमाता की सम्पूर्ण सेवा के संकल्प को पूरा करने के लिए बृजधाम की पावन धरा पर दिल्ली-मथुरा के बीच नेषनल हाइवे नं 2 पर होडल-हरियाणा में देवी चित्रलेखा जी ने निःषुल्क गौसेवा धाम हाॅस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर की षुरूआत की है। इस हाॅस्पिटल में दूर दराज से घायल, बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त गौमाताओं को हाईटेक एंबुलेंसों के जरिये लाया जाता है।

वर्तमान समय में ये गौ सेवा धाम हाॅस्पिटल बड़े पैमाने पर 
सभी प्रकार की पीड़ाओं से जूझ रहीं गौमाताओं को निःषुल्क चिकित्सा व षल्य चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रहा हैं। गौ सेवा धाम में हर प्रकार कि बडी सर्जरी जैसे सिजेरियन (आॅपरेषन द्वारा बच्चा निकालना), पेट के आॅपरेषन (जैसे पेट से पाॅलिथिन, नुकीले तार व कील आदि निकालना), आॅख की सर्जरी, कैंसर व रसौली के आपरेषन, हड्डियों के फ्रैकचर में राॅड व प्लेट डालना, वायरिंग (स्टील के तार डालना) आदि सभी प्रकार की सर्जरी की व्यवस्था है। इसी क्रम में गौ सेवा धाम - डायग्नोस्टिक लैबोरेट्री की स्थापना की गई है जिसमें खून, पेषाब, गोबर व चमडी के रोगों के लिए जाॅच की जाती है। इसी प्रकार यहाॅ पर प्रतिदिन निषुल्क ओ0पी0डी0 भी चलती है जिसमें आस पास के  गौपालकों को निषुल्क चिकित्सीय परामर्ष दिया जाता है ताकि गोपालन को ज्यादा से ज्यादा बढावा दिया जा सके। इसके साथ ही गौ सेवा धाम में पैथोलोजिकल म्यूज्यिम की भी स्थापना की गई है जिसमें आम जनमानस को गायों की गम्भीर बीमारियों जैसे सर्जरी द्वारा निकाली गई रसौली, कैंसर इत्यादि से अवगत कराया जाता है।
गौ सेवा धाम हाॅस्पिटल में उन सभी बीमार और असहाय गौमाताओं की चिकित्सा रोगानुसार अलग अलग वार्ड में की जाती है जैसे आई.सी.यू. वार्ड, कैंसर वार्ड, अत्याधिक घायल गौ माता वार्ड, तीन पैरों वाली गौ माता वार्ड, अंधी गौ माता वार्ड साथ में आॅपरेषन थियेटर, डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी, मेडिकल स्टोर और पूरा हाॅस्पीटल एअर कंडीषन है। सर्दी, गर्मी, वर्शा, मक्खी, मच्छर और साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा गया है। गौ माता को पोशक तत्व प्रदान करने के लिए रोजाना चारे के साथ दलिया तथा रोटी की भी व्यवस्था की गई है। गौ माताओं के लिए रोटी बनाने हेतु एक हाईटेक रोटी बनाने वाली मषीन तथा पीने के पानी के लिए एक बडा आर. ओ का प्लान्ट भी

लगाया गया है। गौ माताओं के स्नान के लिए फव्वारों की व्यवस्था भी की गई है। गौसेवा धाम हाॅस्पिटल में बीमार गौमाताओं की सेवा के लिए डाॅक्टर, कम्पाउंडर, सहायक सेवक एवं समस्त स्टाॅफ की समुचित व्यवस्था कि गयी है। रात्रि में भी सभी सेवक अलग अलग सेवा में तैनात रहते है। और इसी प्रकार देवी चित्रलेखा जी के गौ सेवा के संकल्प को पूरा किया जा रहा है।


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Write by Rahul Sharma Tiwari 
(media coordinator- w.s.t.)

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